अब यूपी के युवा की पहचान उसकी मेहनत, प्रतिभा और उपलब्धियों से बन रही है : डॉ. राजेश्वर सिंह
जिस समाज के हीरो बदलते हैं, उसका भविष्य बदलता है — डॉ. राजेश्वर सिंह
उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर केवल सड़कों, एक्सप्रेसवे और बढ़ती अर्थव्यवस्था की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस विश्वास की कहानी है जो आज प्रदेश के युवा के मन में पैदा हुआ है। कभी जिस युवा को नौकरी का फॉर्म भरते समय ही यह सलाह मिलती थी कि ‘फॉर्म भर दो, पर उम्मीद मत रखना’, आज वही युवा बिना सिफारिश के केवल अपनी मेहनत के भरोसे अवसर हासिल करने का विश्वास रखता है। यह बात सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कही।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि उनकी पीढ़ी ने दोनों यूपी देखे हैं — एक ऐसा उत्तर प्रदेश जहां प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर युवाओं के मन में संदेह रहता था और दूसरा ऐसा उत्तर प्रदेश जहां भर्ती प्रक्रिया को तकनीक, कड़े कानून और जवाबदेही के माध्यम से अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास हुआ है।
उन्होंने कहा कि 2024 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही भर्ती के 60 हजार से अधिक पदों के लिए करीब 48 लाख आवेदन आए और 60,244 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें 12,048 बेटियां शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया में प्रत्येक केंद्र पर एआई-सक्षम सीसीटीवी, प्रश्नपत्रों की आठ सीरीज, स्ट्रॉन्ग रूम में जीपीएस तथा 75 जिलों में आरएफआईडी आधारित दौड़ जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
डॉ. सिंह ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस में 2,14,468 भर्तियां हुई हैं, जिनमें 34,832 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। ‘यह आंकड़े केवल सरकारी भर्ती के नहीं, बल्कि बदलते भरोसे के आंकड़े हैं।’
उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों के खिलाफ उत्तर प्रदेश लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 ने स्पष्ट संदेश दिया है। ऐसे अपराधों में दो वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है तथा अपराध गैर-जमानती है।
डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था भी बदली है। 2016-17 में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी 13.30 लाख करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये हो गई। वर्तमान वर्ष में इसके 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इसी अवधि में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपये से बढ़कर 1,09,844 रुपए हुई है। देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी भी 8.6 प्रतिशत से बढ़कर 9.1 प्रतिशत हुई है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को अभी लंबा रास्ता तय करना है। प्रति व्यक्ति आय को देश के अग्रणी राज्यों के बराबर ले जाना है, युवाओं के लिए और अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने हैं और विकास की गति को लगातार तेज करना है। ‘मंजिल अभी दूर है, लेकिन पहली बार रास्ता साफ दिखाई दे रहा है। और इस रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए उत्तर प्रदेश के युवा को किसी की सिफारिश नहीं, सिर्फ अपनी मेहनत की जरूरत है।’